पाकिस्तान के कोहाट पुलिस लाइंस में आत्मघाती हमला 16 लोगों की मौत 57 से अधिक घायल

 

कोहाट/पेशावर, 18 सितंबर। पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को आतंकवादियों ने कोहाट पुलिस लाइंस को निशाना बनाते हुए बड़ा आत्मघाती हमला किया। विस्फोटकों से भरे वाहन से किए गए इस हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 57 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में पांच पुलिसकर्मी और 11 नागरिक शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण मृतक संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह हमला शुक्रवार की नमाज के दौरान ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर में स्थित मस्जिद के पास हुआ। उस समय मस्जिद में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, उनके परिजन और स्थानीय नागरिक नमाज अदा करने के लिए मौजूद थे।
विस्फोटकों से भरा वाहन दीवार से टकराया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन को पुलिस लाइंस परिसर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार के पास टकराकर उड़ा दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद तथा आसपास स्थित कई इमारतों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटनास्थल पर मलबा बिखर गया और परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया की ओर से जारी तस्वीरों में क्षतिग्रस्त इमारतें, टूटी दीवारें और मलबे में दबे लोगों को निकालते बचावकर्मी दिखाई दिए। विस्फोट की आवाज दूर तक सुनी गई।
धमाके के बाद परिसर में घुसने का प्रयास
प्रारंभिक विस्फोट के तुरंत बाद हथियारों से लैस सात आतंकवादियों ने पुलिस लाइंस परिसर में घुसने का प्रयास किया। कुछ हमलावर आतंकवाद निरोधक विभाग—सीटीडी की इमारत की ओर बढ़े, जबकि अन्य ने स्पेशल ब्रांच कार्यालय को निशाना बनाने की कोशिश की।
पुलिस और सीटीडी के जवानों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी होती रही। अधिकारियों के अनुसार जवाबी कार्रवाई में आत्मघाती हमलावर सहित कम से कम छह आतंकवादी मारे गए। बाद की रिपोर्टों में हमले में शामिल सभी सात आतंकवादियों के मारे जाने की बात भी कही गई है। सुरक्षा बलों ने परिसर में व्यापक तलाशी और क्लियरेंस अभियान चलाया।
अस्पताल में आपातकाल घोषित
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल, पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल तथा आसपास के अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती कराया गया।
जिला मुख्यालय अस्पताल में आपातकाल घोषित करते हुए सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी पर बुलाया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए स्थानीय नागरिकों ने भी बचावकर्मियों की सहायता की।
पुलिस प्रमुख ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने हमले की पुष्टि करते हुए कोहाट के क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में विस्फोटकों से भरे वाहन का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे हमले पुलिस बल के हौसले को कमजोर नहीं कर सकते। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के लिए तत्काल और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने की निंदा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव अभियान तेज करने और घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और प्रांतीय गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी हमले की निंदा की है।
टीटीपी ने हमले से किया इनकार
हमले की जिम्मेदारी को लेकर विरोधाभासी सूचनाएं सामने आई हैं। कुछ पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों ने एक स्थानीय आतंकवादी गठबंधन द्वारा जिम्मेदारी लिए जाने की खबर दी है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान—टीटीपी ने हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है।
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावरों के नेटवर्क और उनके मददगारों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एक दिन पहले भी मारे गए थे छह सैनिक
कोहाट हमला ऐसे समय हुआ है जब खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी हिंसा लगातार बढ़ रही है। इससे एक दिन पहले पास के हंगू जिले में सड़क किनारे लगाए गए बम की चपेट में आने से छह पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि उसके यहां हमले करने वाले आतंकवादियों को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिले हुए हैं। हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
वर्ष 2010 में भी निशाना बनी थी पुलिस कॉलोनी
कोहाट पुलिस लाइंस के आसपास का क्षेत्र पहले भी बड़े आतंकी हमले का निशाना बन चुका है। सितंबर 2010 में पुलिस लाइंस के पीछे स्थित पुलिस कॉलोनी में हुए बम विस्फोट में करीब 20 लोगों की मौत और 90 से अधिक लोग घायल हुए थे। मरने वालों में अधिकांश पुलिसकर्मियों के परिजन थे।
ताजा हमले के बाद कोहाट सहित आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस मुख्यालयों, सरकारी कार्यालयों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य: हमला पेशावर में नहीं, बल्कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में हुआ है। कई खबरों में पेशावर को केवल समाचार की डेटलाइन के रूप में लिखा गया है।